एलोवेरा के फायदे, नुकसान और इस्तेमाल करने का सही तरीका।( Benefits of aloe vera, side-effect and their right method for uses )

एलोवेरा के फायदे और नुक्सान के बारे में जानकर अगर हम इसका सेवन करें तो हम लाभ ले सकते हैं। किसी भी चीज के फायदे होते है तो उसके कुछ नुकसान भी होते है अगर उस चीज का इस्तेमाल सही तरीका से या फिर उचित मात्रा मे नहीं किया जाए तो।

एलोवेरा क्या है? (What is aloe vera?

एलोवेरा के फायदे, नुकसान और इस्तेमाल Benefits of aloe vera, side-effect and their uses
अनेक गुणों से परिपूर्ण एलोवेरा Designed by Pixabay

यह बहुत ही फायदेमंद एक औषधिय पौधा है। इसका  इस्तेमाल त्वचा की बीमारीयो मे, त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनाए रखने में, और हमारे बालों की समस्याओ को दूर करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता हैं या फिर पेट की अनगिनत समस्याओं को दूर करने में किया जाता हैं।इसमें एंटी-सैप्टिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और भी कई गुण पाया जाता हैं। अगर हम इसकी पोषक तत्त्व की बात करे तो इसमें फोलिक एसिड एवं विटामिन ए पाया जाता हैं।

घृतकुमारी कितने प्रकार के और कौन सा 100% औषधिय है? (what are the different types of aloe vera and which one is 100% medicinal

पुरे विश्व में इस पौधे की कई प्रजातियां हैं लगभग 260 से भी ज्यादा है। इनमें से ज्यादातर प्रजातियो में औषधिय गुण बहुत कम पाया जाता हैं। करीब 11 प्रकार की  प्रजातियां जहरीली होती है, और 5 प्रकार की प्रजातियों में औषधिय गुण पाया जाता हैं।

लेकिन इन सभी में से जिस एलोवेरा का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है वो है एलो बारबाड़ेसिस मिलर इसमें 100% औषधिय गुण है हम इस लेख में इसी प्रजाति (एलो बारबाड़ेसिस मिलर) के उपयोग की जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं।

अलग-अलग भाषाओं में घृतकुमारी के नाम ? (Name of aloe vera in different languages?)

हिंदी –    घिकुआंर घिग्वार , ग्वार पाठा कहते है।

अंग्रेजी –  Aloe Vera or barbados Aloe .

संस्कृत – घृतकुमारिका तथा स्थुलदला कहते है।

बंगला –   घृतकुमारी कहते है।

गुजराती – कुमारपाथु  तथा कुंवार कहते है।

मराठी –   कोरपाठ तथा कुंवरपाठ कहते है।

पंजाबी –  कुरवा कहते है।

तेलगु –   कलबंद कहते है।

एलोवेरा के निम्न फ़ायदे –( Benefits of aloe vera)

1. वातावरण को शुद्ध रखने में एलोवेरा
फायदेमंद है –

यह वातावरण को शुद्ध करने वाला भी एक पौधा है। यह पौधा अपना भोजन अपने आस पास के वातावरण से लेता है और अपने आस पास के वातावरण में मौजुद प्रदूषण को अपने अंदर सोख कर वहां की हवा को शुद्ध करता है।

2. कब्ज को दूर एवं पाचन क्रिया को मजबूत करने में फायदेमंद है –

यह पौधा पेट की कई बीमारियों को ठीक करने में सक्षम है। इसका जूस कब्ज को दूर करता है सुबह खाली पेट 2 चम्मच घृतकुमारिका जूस आधे ग्लास गुणगुना पानी में मिलाकर पीने से कब्ज की परेशानी में राहत मिलता है। यह जूस पाचन क्रिया को मजबूत करने में एवं अपच को दूर करने में मदद करता हैं। इसमें मिनरल प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। इस औषधिय पौधे के पत्ते का सेवन करने से यह बॉडी से टॉक्सीन निकाल कर हम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनता है।

3. एलोवेरा आंखों के लिए फायदेमंद है –

यह आंखों की रोशनी बढ़ाता है। आंखों में होने वाली लालिमा एवं सूजन को कम करता है। आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए इसका सेवन करना चाहिए एवं लालिमा और सूजन को कम करने के लिए इसके गुद्दे को थोड़ी सी हल्दी मिलाकर इस लेप को बंद आंखो पर लगाना चाहिए।

4. वजन कम करने में फायदेमंद – (Beneficial in weight loss -).

वजन कम करने में फायदेमंद Beneficial in weight loss
Aloevera Beneficial in weight loss, Designed By Pixabay

सुबह खाली पेट 2 चम्मच घृतकुमारिका जूस गुणगुना पानी के साथ सेवन करने से वजन कम करने में मदद करती है। इसमे पाया जाने वाला एंटी-ओबेसिटी गुण उर्जा खपत को बढ़ाता है और बढ़ती हुई वजन को कुछ हद तक कम करता है। वजन कम करने के लिए इसके जैल के सेवन के अलावा संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी जरूरी है।

5. एलोवेरा मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल के लिए फायदेमंद – (Aloe vera is beneficial for diabetes and cholesterol).

इसमें पाए जाने वाले एंटी-डायबिटिक गुण मधुमेह (डायबिटिज) के मरीजो के लिए फायदेमंद है। इसका सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल कुछ हद तक संतुलित रखता है। इसका सेवन करने से लिवर कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी मदद मिलती है।  क्योकि मे हाइपो कोलेस्ट्रोमिक गुण पाया जाता है जो कि कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।

एलोवेरा त्वचा के लिए फायदेमंद – (Aloe vera beneficial for the skin).

एलोवेरा जैल त्वचा को टाइट और गोरा बनाता है।
एलोवेरा जैल त्वचा को टाइट और गोरा बनाता है। Designed by Freepik
  • इस पौधे में एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद है।
  • इसका जैल त्वचा पर लगाने से त्वचा हाइड्रेटेड एवं मॉइस्चर को बनाए रखने में मददगार है।
  • इसके जैल का सेवन एवं त्वचा पर नियमित रूप से लगाने पर झुर्रियां कम हो सकती है ।
  • इसमें पाए जाने वाले एंटी एक्ने गुण के कारण मुंहासे ठीक होने में मदद मिलती है।

त्वचा की जलन एवं UV डैमेज में फायदेमंद –

त्वचा की जलन एवं UV डैमेज में राहत पाने के लिए त्वचा की जलन वाली जगह को रात में सोने से पहले अच्छी तरह पानी से धोकर साफ कर उस त्वचा पर घृतकुमारी जैल लगाकर उस पर थोड़ी सी नारियल तेल लगा कर रात भर के लिए छोड़ दें, सुबह ठंडे पानी से धो ले |

आग या किसी गर्म चीजों से त्वचा जल जाने पर, जली हुई त्वचा पर इसका फ्रेश जैल तुरंत लगाने पर जलन से राहत मिलती है, और उस पर  फ्फोले होने की संभावना कम हो जाती है। यदि त्वचा ज्यादा जली हो तो  मेडिकल उपचार जरूर ले ।

त्वचा से दाग-धब्बे दूर करके गोरा बनाने में फायदेमंद –

त्वचा से दाग धब्बे दूर करने तथा त्वचा को गोरा बनाने के लिए दो चम्मच कच्चे दूध में एक चम्मच एलोवेरा जैल तथा आधा चम्मच गुलाब जल डालकर अच्छे से मिलाकर चेहरा पर हल्की मालिश करते हुए लगाकर आधे घंटे के लिए छोड़ दें फिर पानी से धो ले | चाहे तो फेस मास्क भी बना सकते हैं,  इसके लिए दो चम्मच दही में एक चम्मच यह जैल, एक चुटकी हल्दी पाउडर, आधी चम्मच शहद, आधी चम्मच चिया सीड के पाउडर, आधी चम्मच गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें, इसे चेहरे पर लगाकर सूखने दें फिर पानी से धो लें, इसे हफ्ते में एक बार लगाएं |

बढ़ती उम्र में भी अपनी त्वचा को टाइट और ग्लोइंग बनाये –

बढ़ती हुई उम्र का असर सबसे पहले हमारी त्वचा  पर दिखने लगता है। त्वचा ढीली पड़ने लगती है चेहरे पर झुरिया दिखनी शुरु हो जाती है। उम्र बढ़ने के साथ त्वचा ढिली पड़ना तो प्रकृति का नियम है इसे रोका नही जा सकता, लेकिन अगर हम अपनी त्वचा की थोड़ी देखभाल करे तो कुछ  वर्षों के लिए कुछ हद तक इसे कम कर सकते हैं। एलोवेरा जैल हमारी त्वचा पर एंटी-एजिंग का भी काम करती है। यह त्वचा से झुरिया हटाकर त्वचा  को टाइट और ग्लोइंग बनाती है। जिससे हमारी बढ़ती उम्र का असर दिखना हमारी त्वचा पर कम हो जाता है। त्वचा को टाइट और ग्लोइंग बनाने के लिए, 3 चम्मच कच्चा दूध में 1 चम्मच इसका  जैल और कुछ बूंदे गुलाब जल डाल कर सबको अच्छे से मिला कर, इसे अपने चेहरे पर हल्के हाथों से 3 से 4 मिनट तक मसाज करते हुए लगा कर 10 मिनट के लिए इसे छोड़ दे, फिर सादे पानी से या थोड़े से फेसवॉश से धोकर सूखा कर अपने चेहरे पर अपना रेगुलर फेस क्रीम लगा ले। 1 हप्ते मे त्वचा पर फर्क दिखने लगेंगा। आप इस पेस्ट का इस्तेमाल अपनी त्वचा को साफ करने के लिए सुबह और शाम दोनो समय और रोज कर सकती है, आप चाहे तो इसका इस्तेमाल पूरे बॉडी को साफ करने के लिए भी कर सकते है। नहाने के 15 मिनट पहले लगा कर छोड़ दे, फिर स्नान कर ले।

ब्लैक हेड्स, वाइट हेड्स और ओपेन पोर्स को जड़ से हटाएं –

कभी – कभी हमारे चेहरे के किसी भी हिस्से पर ब्लैक हेड्स या वाइट हेड्स हो जाते है। ज्यादातर ये हमारे नाक या नाक के आस – पास होते है, और ये देखने में बहुत ही खराब लगता है, और ये आसानी से हटते भी नहीं है, और इसे हटाया ना जाये तो ये पिम्पल का रूप ले लेते है। लेकिन इस  जिद्दी ब्लैक हेड्स और वाइट हेड्स को आसानी से हटाने में एलोवेरा जैल सझम हैं। जैल को कच्चे दूध के साथ मिला कर, इससे मालिस करते हुए चेहरे की सफाई करने से ब्लैक हेड्स और वाइट हेड्स कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएगी। और इस तरह से इस जैल का इस्तेमाल रोज करने से ओपेन पोर्स भी भरने लगेंगी।

बालों को लंबा, घना एवं मुलायम बनाने में फायदेमंद –

एलोवेरा बालों को लंबा, घना एवं मुलायम बनाये।
एलोवेरा बालों को लंबा, घना एवं मुलायम बनाये। Designed by freepik

यह पौधा अमीनो एसिड ,विटामिन और खनिज के गुणों से भरा है | इसलिए यह बालों को स्वस्थ रखने में मददगार है| इसके लिए अपने बालों को धोते समय अपने शैंपू में थोड़े से घृतकुमारिका जैल मिला सकती हैं| चाहे तो हेयर मास्क भी बना सकते है, इसके लिए एक कटोरी ताजी दही में दो चम्मच आंवला पाउडर,एक चम्मच जैल तथा दो चम्मच चावल या मेथी का पानी मिलाकर पेस्ट बनाकर बालों की जड़ों में तथा पूरे बालों में अच्छे से लगा कर 1 या 2 घंटे के लिए छोड़ दें, फिर पानी या हल्के शैंपू से धो ले | इसे हफ्ते में एक बार लगाएं | ऐसा करने से कुछ महीनों में बालों का झड़ना बंद होगा नए बाल निकलने लगेंगे। बाल  लंबा, घना, मजबूत एवं मुलायम होंगे।

सिर की त्वचा (स्कैल्प) मे होने वाले कुछ रोगो में एलोवेरा से राहत

सिर की त्वचा (स्कैल्प) मे होने वाले कुछ रोग किसी भी मौसम में हो सकती है, लेकिन अलग – अलग मौसम मे अलग – अलग परेशानी होने की  संभावना ज्यादा रहती है। जैसे की ठंड के मौसम में डैंड्रफ होना आम बात हो जाती है। कभी – कभी स्कैल्प साफ ना रहने के कारण स्कैल्प में फंग्स हो जाती है, जिसके कारण स्कैल्फ में छोटे – छोटे फोड़े – फूंसी भी निकल आते है। जिसके कारण बाल कमजोर हो कर झड़ने और टूटने लगते है। गर्मियों के मौसम और बारिश के मौसम में सिर की त्वचा में नमी बनी रहती हैं, और फंग्स हो जाती है। जिसके कारण कभी – कभी सिर की त्वचा मे खुजली, फोड़े – फूंसी होने लगती है। घृतकुमारी हमे इन सारी परेशानियों से राहत दिला सकती है। सिर की त्वचा के रोगों से राहत के लिए आधा कटोरी दही मे 2 चम्मच घृतकुमारिका जैल, 2 चम्मच आंवला पाउडर, 1 नींबु का रस, 2 चम्मच नीम पत्ते का पाउडर मिलाकर पेस्ट बना कर सिर की त्वचा (स्कैल्प) में अच्छे से लगाकर 2 या 3 मिनट तक उंगलियों से स्कैल्प की हल्की मालिस कर के 1 या 2 घंटे के लिए छोड़ दे। फिर किसी शैम्पू से स्कैल्प और बालों को अच्छे से धो ले। शैम्पु हर्बल या ऐसे शैम्पु का ही इस्तेमाल करे जिसमे कैमिक्ल कम से कम हो। इस हेयर मास्क को 4 या 5 दिन में दुहराए। सिर की त्वचा में होने वाली परेशानियों में राहत मिलेगी।

एलोवेरा के कुछ नुकसान –(Side Effeects of aloe vera)

घृतकुमारिका हर किसी को सूट नहीं करता है | जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं | इसे पौधे से काट कर तुरंत इस्तेमाल ना करें, पौधे से पत्ते को काटने पर इसमें से पीला तरल पदार्थ निकलता है इसे  लैटेक्स कहते है, जो कि हानिकारक पदार्थ होता है | इसका सेवन करने से पेट में ऐठन तथा उल्टियां भी हो सकती है | इसके जैल का सेवन एक बार मे जरूरत से ज्यादा करने पर दस्त हो सकती है। इसके पत्ते से निकलने वाला यह पीला पदार्थ त्वचा पर लगाने से खुजली, जलन तथा दाने भी हो सकती है | लगातार इस पीला तरल पदार्थ का इस्तेमाल होने से चर्म कैंसर होने की भी संभावना रहती है | अगर इससे बालों में होने वाले नुकसान की बात करें तो इसका जैल सीधे बालों पर लगाकर ना छोड़े,  इससे बाल झड़ सकते हैं | इसलिए इसके जैल को किसी चीज में मिलाकर इस्तेमाल करें |

एलोवेरा का इस्तेमाल कैसे करें ? (How to use aloe vera)?

इसके पौधे से पत्तों को काटकर 1 घंटे  के लिए किसी स्थान पर खड़ा कर के रख दे, पत्ते का कटा हुआ भाग नीचे की तरफ रखे, ऐसा करने से इस पत्ते से पीला पदार्थ निकल जाएगा | फिर इसे अच्छे से धो कर इसे चाकू से छीलकर इसका जैल निकालकर इस्तेमाल करें | इसका जूस बनाने के लिए दो चम्मच इस जैल को आधे ग्लास पानी में मिलाकर इसमें थोड़ा सा काला नमक मिलाकर पिए |

एलोवेरा कहां और कैसे उगाए / लगाएं ?(where and how to grow aloe vera)?

घृतकुमारी एक छोटा पौधा है| इसे छोटे गमले में भी लगाया जा सकता है, इसे ज्यादा सूरज की रोशनी की भी जरूरत नहीं होती है और ना ही ज्यादा देखभाल की |  यह हवा को शुद्ध (Air purifier) करने वाला भी एक पौधा है | इसलिए इसे कमरे या बगीचे में लगाया जा सकता है | अगर आप इसे कमरे में रख रही है तो कभी – कभी कुछ देर के लिए सुबह की धुप दिखा दे, इससे पौधा ज्यादा हेल्दी रहेगा।

एलोवेरा का पौधा किस दिशा में लगाना चाहिए?

वैसे तो यह पौधा किसी भी दिशा में लगा सकते हैं। किन्तु वास्तु के अनुसार लगाना चाहते है, तो वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस पौधे को पश्चिम दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। इस दिशा में लगाने से घर में सकारात्मकता और खुशियां आती है। यह पौधा वातावरण को शुद्ध करके हमारे जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली लाती है। और अगर हमारा जीवन सकारात्मक रहेगा, तो हमारे जीवन की सफलताओं में आने वाली किसी भी बाधा को हम दूर कर सकते हैं।

एलोवेरा किसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए ?(who should not use aloe vera)?

प्रेग्नेंट महिलाओं को इसके सेवन करने से गर्भपात हो सकता है। इसलिए इसका इस्तेमाल प्रेग्नेंट या फिर स्तनपान करा रही महिलाओं को नही करनी चाहिए।

जिन लोगों को लिवर में परेशानी है या फिर जिनका ब्लड शुगर लेवल कम है। उसे भी सेवन नहीं करना चाहिए। यह शुगर लेवल को और भी कम करता है, जिससे दिक्कते हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले कुछ सवाल —

सवाल – एलोवेरा जूस कब और 1 दिन में कितना पीना चाहिए?

जवाब –  इसका जूस सुबह या शाम भी पी सकते हैं लेकिन सुबह खाली पेट पीने से ज्यादा फायदा होता है एक दिन मेंं तीन चम्मच से ज्यादा जूस नहीं लेना चाहिए और एक बार में दो चम्मच (20ML) से ज्यादा नहीं पीना चाहिए।

सवाल – एलोवेरा की तासीर क्या होती है?

जवाब –  घृतकुमारी की तासीर गर्म होती है

सवाल – एलोवेरा जूस कितने दिनों तक पीना
चाहिए ?

जवाब – इसके जूस का सेवन कितने दिनों तक करना चाहिए यह सेवन करने वाले के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है । एक स्वस्थ आदमी इसका सेवन एक महीना तक करे, फिर कुछ दिनों के लिए छोड़ दे, एक या दो हफ्ते बाद दुबारा से सेवन करें।

सवाल – क्या एलोवेरा खून को साफ और पतला करता है?

जवाब –  यह खून को साफ करने में तथा शरीर से टॉक्सिन निकालने में मददगार है। यह खून को पतला नहीं करता है।

सवाल – क्या एलोवेरा लिवर को खराब करता है?

जवाब –   वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार घृतकुमारी में बायो एक्टिव कंपाउंड होता है यह लिवर  की डिटॉक्स प्रक्रिया को बाधा कर सकती है

सवाल – क्या बच्चे, बूढ़े या बीमार लोगों को एलोवेरा का इस्तेमाल करना चाहिए?

जवाब –  नहीं, बच्चे या बूढ़ेे लोगों को घृतकुमारी का सेवन नहीं करना चाहिए। बीमार लोगों को या किसी भी बीमारी से ग्रस्त लोगों को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेंना चाहिए।

निष्कर्ष – (Conclusion)

एलोवेरा के सारे औषधिय गुण जानने के बाद इसके फायदे, नुकसान और इसे इस्तेमाल करने का तरीका जान चुके होंगे तो अब आप इसका फायदा ले सकते हैं।

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